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ARTIFICIAL INTELLIGENCE (AI) क्या है? – In Hindi

दोस्तों, आज के लेख का विषय है Artificial Intelligence – AI, नाम तो सुना ही होगा,  Artificial Intelligence का अर्थ है कृत्रिम बुद्धिमत्ता| एक ऐसा दिमाग जिसे कृत्रिम रूप से तैयार किया जाता है जो मशीनों को सोचने की क्षमता देता है| 

Artificial Intelligence मूल रूप से ऐसे Instructions, Rules और Logic का समूह है, जिसके द्वारा किसी Machine में परिस्थिति के अनुसार प्रतिक्रिया करने की क्षमता विकसित की जाती है| AI के द्वारा मशीन में सोचने, सीखने और प्रतिक्रिया करने की क्षमता विकसित की जाती है| 

Machines में Intelligence का विकास लघभग वैसे ही किया जाता है जैसे की मनुष्यों में होता है| मूल रूप से मनुष्यों की भी बुद्धिमत्ता का विकास सीखने से ही होता है|

Human Intelligence का विकास ज्ञानेन्द्रियों के द्वारा सूचना ग्रहण करने और इसको प्रोसेस करने से होता है, और इसके आधार पर ही मनुष्य प्रतिक्रिया करता है|

मनुष्य आँखों से देख कर, कानों से सुनकर, त्वचा से स्पर्श करके, जिह्वा से स्वाद लेकर, और नाक से सूंघ कर सूचनाये ग्रहण करता है इसके बाद मनुष्य का मस्तिष्क इन सूचनाओं को प्रोसेस करता है और इसके आधार पर शरीर के अंगो को प्रतिक्रिया करने का आदेश देता है|

यह सब कुछ इतनी सहजता से होता है की हमें पता ही नहीं चलता की इसके पीछे कितनी जटिल प्रणाली कार्य करती है| या व्यवस्था इतनी जटिल है की इसको कृत्रिम रूप से बना पाना बहुत ही दुसाध्य है| 

मशीनों में इस प्रकार की बुद्धिमत्ता विकसित करने किये भी इसी प्रणाली का उपयोग किया जाता है| अभी तक विज्ञान ने दृष्टि, श्रव्यता, और स्पर्श के आधार पर मशीनों को प्रतिक्रिया करने के लिए विकसित कर लिया है|

मशीनों में देखने की क्षमता के लिए Computer Vision, सुनने की क्षमता के लिए Speech Recognition और स्पर्श के लिए Touch to Vision, Vision to Touch और Force Sensing Technology का प्रयोग किया जाता है| 

सूंघने और स्वाद लेने की क्षमता विकसित करना सबसे कठिन है इसलिए अभी फिलहाल इस क्षेत्र में AI का विकास कम हुआ है| लेकिन कुछ साइंटिस्ट ने Digital Olfaction Technology से सूंघने की की क्षमता विकसित की है|  

Gastrograph AI नाम की एक कंपनी ने हज़ारो खाद्य पदार्थों के बारे में लोगों से प्राप्त डाटा के आधार पर कुछ हद तक स्वाद पहचानने की क्षमता विकसित की है| लेकिन मनुष्य के बराबर की बुद्धिमत्ता विकसित करने में मामले में “अभी दिल्ली दूर है”|

दोस्तों AI और इससे सम्बंधित सभी टेक्नोलॉजी के बारे में जानने के लिए आज के लेख में हम निम्नलिखित पॉइंट्स की चर्चा करेंगे|

  • Artificial Intelligence (AI) क्या है? | What is Artificial Intelligence (AI)?
  • Artificial Intelligence का इतिहास | History of Artificial Intelligence
  • Artificial Intelligence कैसे काम करता है? | How Does Artificial Intelligence Works?
  • Artificial Intelligence के प्रकार | Types of Artificial Intelligence
  • Artificial Intelligence की शाखाएं | Branches of Artificial Intelligence
  • Artificial Intelligence के अनुप्रयोग | Applications of Artificial Intelligence
  • Artificial Intelligence का भविष्य | Future of Artificial Intelligence

Table of Contents

Artificial Intelligence (AI) क्या है? – in Hindi

Artificial Intelligence यानी AI का शाब्दिक अर्थ है कृत्रिम बुद्धिमत्ता| यह वास्तव में मशीनों के सन्दर्भ में हैं| AI के द्वारा निर्जीव मशीनों में मनुष्यों जैसी बुद्धिमत्ता का विकास किया जाता है|

हालांकि यह कहना अभी अतिशयोक्ति होगी की मशीने पूरी तरह से मनुष्यों की तरह सोच और समझ सकती हैं, क्योंकि AI अभी अपने विकास के पहले चरण के पहले चरण में ही है| 

मशीनों में Artificial Intelligence विकसित करने के लिए Computer Programming का सहारा लिए जाता है| एक Computer Program के द्वारा Machine में अलग अलग परिस्थितियों और आदेशों के अनुरूप व्यवहार करने के लिए Instruction और Logic फीड कर दिया जाता है|

वस्तुतः इस प्रोग्राम में मशीन को यह बताया जाता है की अमुक आदेश पर उसे क्या करना है| उदाहरण के लिए यदि आप किसी AI Enabled Smart Bulb को को “Switch On” का आदेश दें तो यह अपने आप ऑन हो जाता है, और “Switch Off” कहने पर बल्ब अपने आप बुझ जाता है|

किसी मशीन में AI का विकास करने के लिए सबसे आवश्यक है मशीन को Information Store करने और उसे Process करने की| इसके लिए वैज्ञानिको ने उसी पद्धिति का प्रयोग करने का निश्चय किया जिसका प्रयोग हम मनुष्य करते हैं|

हम मनुष्य आपनी ज्ञानेन्द्रियों के द्वारा सूचनाये ग्रहण करते हैं और हमारा मस्तिष्क इन सूचनाओं को पहले मस्तिष्क के एक हिस्से में Store करता है और फिर इसे Process करता है| इस प्रोसेसिंग के रिजल्ट के आधार पर मस्तिष्क हमारे शरीर के अंगो को प्रतिक्रिया करने का आदेश देता है| 

ठीक इसी प्रकार वैज्ञानिकों ने मशीनों में Artificial Senses के द्ववारा Information Store और Process करने के लिए अलग अलग टेक्नोलॉजी का आविष्कार किया|

इनमे से कुछ टेक्नोलॉजी जैसे की Speech Recognition और Computer Vison में विज्ञानं ने उल्लेखनीय प्रगति की है| जबकि अन्य अभी अपनी प्रारम्भिक अवस्था में हैं|

यहाँ हम ऐसी कुछ ऐसी टेक्नोलॉजी के बारे में जानेंगे जिनके द्वारा मशीनों में मनुष्यों की तरह ज्ञानेन्द्रियों का विकास किया जा रहा है|

आवाज की पहचान | Speech Recognition

Speech Recognition Technology के द्वारा एक मशीन को आवाजे पहचानना और Voice Commands पर प्रतिक्रिया देने के लिए प्रोग्राम किया जाता है|

इस टेक्नोलॉजी का उपयोग करके ऐसे AI System का निर्माण किया जाता है जो आपके बोले गए शब्दों और वाक्यों के आधार पर अपने आप निर्णय लेकर प्रतिक्रिया कर सकता है|

Speech Recognition Technology वास्तव में AI की एक शाखा जिसे Natural Language Processing – NLP कहा जाता है का ही हिस्सा है| जिसके आधार पर मशीन में सुन कर सूचनाये ग्रहण करने और इसे प्रोसेस करने की क्षमता विकसित की जाती है| 

स्पीच रिकग्निशन के उदाहरण | Example of Speech Recognition
  • स्पीच टू टेक्स्ट | Speech To Text – इसके द्वारा आपके बोले गए शब्दों को AI लेख में बदल देता है| आप जैसे ही कोई शब्द या वाक्य बोलते हैं तो AI सिस्टम आपको आवाज को Record करता है और फिर Natural Language Processing – NLP का प्रयोग करके इसे एक Written Paragraph में बदल देता है| उदाहरण के लिए Google Docs की Voice Typing सुविधा|
  • वोइस कमांड्स | Voice Commands – ऐसी बहुत सी मशीनों को आपने देखा होगा जो बस बोलने भर से आपका कार्य कर देती हैं| जैसे की Smart Bulb, Smart AC, Smart Fan आदि|
  • वर्चुअल असिस्टेंट | Virtual Assistant – वर्चुअल असिस्टेंट भी Voice Commands पर ही कार्य करता है लेकिन यह Natural Language Processing – NLP का प्रयोग करके आपके बोले गए शब्दों को Real Time में प्रोसेस करता है, और इसके आधार पर अपनी प्रतिक्रिया तय करता है| उदाहरण के लिए Amazon Alexa, Google Assistant.
  • ऑटोमेटेड ट्रांसक्रिप्शन | Automated Transcription – यह भी Text To Speech का ही एक प्रकार है| इसमें Online Meetings, Recordings, Podcast, Interview आदि को AI System ऑटोमेटिकली Text में बदल देता है| 
  • वोइस बॉयोमीट्रिक्स | Voice Biomatrix – इसके आधार पर Voice Based Security System बनायी जाती है| जैसे की Voice Operated Door Locks, और Smart Car Locks and Ignition.

कंप्यूटर आधारित दृष्टि | Computer / Machine Vision

Computer Vision जैसा की नाम से ही स्पष्ट है, एक मशीन को देखने की शक्ति देने की टेक्नोलॉजी है| Computer Vision के द्वारा एक मशीन, कैमरे से ली गयी तस्वीरों और विडियो को प्रोसेस करके इसके आधार पर कोई इनफार्मेशन निकाल सकती है

या फिर इस इनफार्मेशन के आधार पर प्रतिक्रिया दे सकती है| इसके अलावा Computer Vision की सहायता से Digital Images और Video को प्रोसेस करके भी इनफार्मेशन निकाली जा सकती है|

कंप्यूटर विज़न के उदाहरण | Example of Computer Vision
  • फेसिअल रिकग्निशन | Facial Recognition – Facial Recognition के द्वारा चेहरों की पहचान की जाती है| यह कई बार अपराधियों को पकड़ने में पुलिस की सहायता करती है| इसके अलावा इसका उपयोग Payment Portals और Security Check के लिए भी किया जाता है|
  • इमेज बेस्ड सर्च | Image Based Search – Google कंप्यूटर विज़न की सहायता से किसी भी इमेज को इन्टरनेट पर सर्च कर सकता है और उससे सम्बंधित रिजल्ट दिखा सकता है| आप चाहे तो अपने Smartphone से किसी भी वस्तु की फोटो लेकर इसे इन्टरनेट पर सर्च कर सकते हैं यह कई बार तब उपयोगी साबित होता है जब आपको कोई वस्तु आपने आस पास खोजनी हो|
  • ऑटोनोमस व्हीकल | Autonomous Vehicle – Computer Vision की सहायता से ही Self Driving Car के निर्माण की सम्भावना बनी है और इसमें बहुत ही अभूतपूर्व प्रगति हुयी है| आने वाले कुछ ही समय में हम Driverless Car को सडको पर दौड़ते हुए देख पायेंगे| एक कार को देखने की शक्ति प्रदान करने के लिए इसे चारो तरह से कई कैमरों से लैस किया जाता है| जिससे प्राप्त हुए इमेजेज और विडियो को प्रोसेस करके कार अपने आगे-पीछे और दायें-बाएं की वस्तुओं को पहचान के अपनी Speed और Direction तय कर सकती है| इस प्रकार यह सिस्टम कार को संभावित एक्सीडेंट्स से पूर्व ही सही समय पर रोक देती है और चलते समय भी आगे-पीछे और दायें-बाएं एक निश्चित दूरी बनाये रखती है| 
  • रियल टाइम स्पोर्ट्स ट्रैकिंग | Real Time Sports Tracking – Computer Vision की सहायता से अब आप अपने पूरे Fitness Routine और Exercise को Track कर सकते हैं और अपनी परफॉरमेंस की पूरी जानकारी पा सकते हैं| यह एक्सरसाइज के दौरान आपके पोस्चर की सटीकता के आधार पर रेटिंग भी दे सकता है|
  • मेडिकल इमेजिंग | Medical Imaging – मेडिकल इमेजिंग में कंप्यूटर विज़न की सहायता से दुनिया भर में उपलब्ध हज़ारो Medical Photograph, X-Ray और Reports का मिलान करके किसी बिमारी और उसकी गंभीरता का तुरंत ही पता लगाया जा सकता है और सही समय पर उचित और कारगर इलाज़ किया जा सकता है|

स्पर्श की पहचान | Touch Recognition

Touch Recognition अभी अपनी प्रारंभिक अवस्था में है| आपके स्मार्टफोन की टच स्क्रीन की बात हम नहीं कर रहे हैं क्योंकि यह केवल प्रेशर पर काम करता है|

हम बात कर रहे हैं स्पर्श करके वस्तुओं को पहचानने की| यदि आपकी आँखों पर पट्टी बाँध दी जाए तो भी आप अंको, वस्तुओं को केवल छू कर ही पहचान सकते हैं|

लेकिन फिलहाल AI इस कार्य को करने में असमर्थ है| MIT के कुछ साइंटिस्ट ने GelSite  नामक एक Tactical Sensor का विकास किया है, जिसके द्वारा एक Robotic Arm वस्तुओं को छू कर उनकी पहचान कर सकता है|

गंध की पहचान | Smell Recognition

हो सकता है की आपको यह सुनने में बहुत ही आश्चर्य हो लेकिन सच्चाई यही है की बहुत ही जल्द मशीनों में सूंघने की क्षमता का भी विकास हो जाएगा| 

Aryballe एक स्टार्टअप जिसने AI और Digital Olfaction Technology की सहायता से मनुष्यों की सूंघने की क्षमता की नक़ल करने की कोशिश की है|

Digital Olfaction एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसमे Bio Sensers के द्वारा किसी गंध की विशिष्टता को उसमे मौजूद केमिकल को पहचान कर और फिर एक Special Software द्वारा इसे प्रोसेस कर इसका डाटा निकाला जाता है| अभी यह टेक्नोलॉजी अपनी प्रारंभिक अवस्था में है और इसे विकसित होने में समय लगा सकता है|

स्वाद की पहचान | Taste Recognition

संभवतः स्वाद की पहचान को किसी मशीन में विकसित करना सबसे कठिन कार्यों में से है| गुलाब के फूल की महक सभी को अच्छी लगती है यहाँ तक की उनको भी जिन्हें इससे अलर्जी होती है, लेकिन स्वाद के मामले में ऐसा नहीं है| कोई एक व्यंजन जो किसी को स्वादिस्ट लगता है वो हो सकता है की दुसरे व्यक्ति को बिलकुल ही बेकार और बेस्वाद लगे|

इसलिए AI के द्वारा किसी मशीन में स्वाद पहचानने की क्षमता विकसित करना बहुत ही कठिन है क्योंकि इसमें बहुत ही ज्यादा विरोधाभास है और यह एक ही पैटर्न पर काम नहीं कर सकता है| लेकिन फिर भी Gastrograph AI जैसे एक प्लेटफार्म ने इसके लिए एक अच्छी कोशिश की है|

इस AI प्लेटफार्म में हजारो व्यंजनों के स्वाद पर लोगो के रिएक्शन को फीड किया गया है और यह भी की ये सभी व्यंजन किन सामग्रियों से मिलकर बने हैं| इसके आधार पर AI किसी नए व्यंजन के स्वाद का अंदाजा लगा सकता है|

Artificial Intelligence (AI) का इतिहास? – In Hindi

ज़रा आज से 150 साल पहले के समय के बारे में कल्पना करें जब की इलेक्ट्रिसिटी की पहुँच जन-जन तक नहीं थी| लेकिन तब भी मशीनें हमारे आस – पास थी जिन्हें इलेक्ट्रिसिटी के बजाय भाप की शक्ति से चलाया जाता था| इन मशीनों को चलाने के लिए बहुत से व्यक्तियों की आवश्यकता होती थी, और Automatic Machines तो लोगो की सोच से भी परे थीं|

लेकिन 1940 और 50 के दशक में वैज्ञानिको की एक टीम ने जिनमे गणित, मनोविज्ञान, इंजीनियरिंग, अर्थशास्त्र और राजनीती शास्त्र के प्रकांड विद्वान शामिल थे, ने एक कृत्रिम मस्तिष्क बनाने की सम्भावना व्यक्त की| इसके बाद ही AI पर बहस की शुरुआत हुयी|

1950 के शुरुआत में ही वैज्ञानिको ने यह जानने में सफलता प्राप्त कर ली की मनुष्य का दिमाग भी अरबों न्युरोंस का एक इलेक्ट्रिकल नेटवर्क है, जिसमे सन्देश केवल इलेक्ट्रिकल सिग्नल यानी 0 और 1 के रूप में भेजे जाते हैं, ठीक एक कंप्यूटर की तरह| 

1950 में ही एक ब्रिटिश साइंटिस्ट एलन ट्यूरिंग (Alan Turing) ने एक शोध पत्र “Computing Machinery and Intelligence” प्रकाशित किया, जिसमे उन्होंने एक टेस्ट करने का प्रस्ताव रक्खा| यह टेस्ट जिसे “Turing Test” कहा गया साबित कर सकता था की एक मशीन भी एक मनुष्य की तरह सोच कर व्यवहार कर सकती है|

1956 में डार्टमाउथ कॉलेज में Automatic Programming पर एक वार्षिक सम्मेलन में एलन नेवेल (Alan Newell), हर्बर्ट ए. साइमन (Herbert A. Simon) और शॉ (Shaw) द्वारा बनाया गया पहला सच्चा आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस प्रोग्राम लॉजिक थिओरिस्ट (Logic Theorist) था।

लॉजिक थिओरिस्ट ने सिंबॉलिक लॉजिक (Symbolic Logic) में कई प्रमेयों को सिद्ध किया, सरल स्वयंसिद्धों से शुरू होकर और दूसरों को प्राप्त करने के लिए तर्क का उपयोग करते हुए, जब तक कि यह अटक नहीं गया। 

इसके बाद इसने मानव उपयोगकर्ताओं से एक प्रमाण प्रदान करने के लिए कहा यदि वे कर सकते हैं, या संकेत दें कि यह कुछ प्रमेयों को साबित कर चुका है।

1956 में अमेरिकन कंप्यूटर साइंटिस्ट जॉन मकार्थी (John McCarthy) ने डार्टमाउथ सम्मेलन (Dartmouth Conference) में पहली बार  “Artificial Intelligence” नाम को दुनिया के सामने लाया| उन्होंने यह निश्चित किया की यह विज्ञानं की एक शाखा के बारे में जाना जाए और इसके अध्यन और विकास का मार्ग प्रशस्त हो|

1966 में जोसेफ वेइज़नबाउम (Joseph Weizenbaum) ने पहला AI Chat Bot बनाया जिसका नाम ELIZA रखा गया| 1972 में जापान में वैज्ञानिको ने पहला Intelligent Humanoid Robot बनाने में सफलता प्राप्त की|

1980 में “Expert System” का आविष्कार हुआ, यह एक ऐसा प्रोग्राम था जिसने मनुष्यों की तरह सोचने और निर्णय लेने की क्षमता का प्रदर्शन किया| 1997 में IBM के “Deep Blue” AI ने शतरंज के चैंपियन गैरी कास्परोव (Gary Kasparov) को शतरंज में हरा दिया|

1980 के दशक के बाद AI का विकास निरंतर होते ही गया और बाद के सालो में हमें इसके बहुत से प्रयोग देखने को मिले लेकिन 2016 में दुबई में प्रदर्शित Humanoid Robot “Sophia” ने सबको चौंका दिया|

दुनिया भर से आये रिपोर्टर्स ने उससे कई प्रकार के सवाल पूछे जिसका उसने सही सही जवाब दिया और कुछ ऐसे भी सवाल पूछे गए जिससे उसकी तर्क शक्ति की परीक्षा हुयी|

Sophia को बनाने में कंप्यूटर विज़न (Computer Vision), नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (Natural Language Processing – NLP), स्पीच रिकग्निशन (Speech Recognition) जैसी टेक्नोलॉजी का प्रयोग हुआ है, और इसमें निरंतर सुधार किया जा रहा है इसे और बेहतर बनाने और बिलकुल मनुष्यों जैसी सोचने और समझने की शक्ति देने के लिए|

Artificial Intelligence कैसे काम करता है? – in Hindi

Artificial Intelligence एक अकेली टेक्नोलॉजी नहीं है, बल्कि यह कई अलग-अलग टेक्नोलॉजी का एक समूह है| यह सभी तकनीकें एक साथ मिलकर एक मशीन को सोचने, समझने और सूचनाएं ग्रहण करके उसपर प्रतिक्रिया करने में सक्षम बनाती हैं|

एक AI सिस्टम किसी एक अकेली टेक्नोलॉजी पर भी आधारित हो सकता है| जैसे की Automatic Speech to Text Software, जो केवल आपकी आवाज को सुनकर उसे एक लिखित रूप में बदल देते हैं, या Chat Bot जो आपके प्रश्नों का संभावित उत्तर दे सकते हैं|

एक AI System में Computer Vision, Machine Learning, Deep Learning, Cognitive Computing और Natural Language Processing – NLP जैसी कई टेक्नोलॉजी का समावेश होता है|

जिनके द्वारा मशीन बाहरी वातावरण से सूचनाये ग्रहण कर सकती है और इन सूचनाओं को प्रोसेस करके अपेक्षित प्रतिक्रिया कर सकती है|

इसके अलावा एक AI System में विभिन्न प्रकार की परिस्थितियों, उनसे सम्बंधित प्रतिक्रियाओं, और जानकारियों का एक विस्तृत डेटाबेस होता है जो मशीन की मेमोरी के जैसा कार्य करता है|

इसके साथ ही मशीन में कई प्रकार की Logic, और Reasoning भी स्टोर होती है, जिसके आधार पर मशीन किसी परिस्थिति के अनुसार अपनी प्रतिक्रिया तय करती है|

एक सम्पूर्ण AI System में उन सभी क्षमताओं का समावेश होना चाहिए जो की एक मनुष्य में होती हैं| इसके लिए मशीन में सूचनाओं को ग्रहण करने के लिए ज्ञानेन्द्रियों का होना आवश्यक है|

जैसा की मैंने पहले बताया की किसी मशीन में पूर्ण विकसित ज्ञानेन्द्रियो का विकास करना बहुत ही कठिन है लेकिन वैज्ञानिक इसमें लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं|

कंप्यूटर विज़न, और स्पीच रिकग्निशन जैसी टेक्नोलॉजी ने एक मशीन को एक हद तक देखने और सुनने की क्षमता प्रदान की है, और बहुत जल्द ही इसमें स्पर्श पहचानने, सूंघने, और स्वाद लेने जैसी क्षमताएं भी विकसित कर ली जायेंगी| और जिस दिन ऐसा हो जाएगा उस दिन मशीन और मनुष्य में फर्क करना आसान नहीं हो पायेगा|

Artificial Intelligence के प्रकार – in Hindi

Artificial Intelligence (AI) ऐसी मशीनें बनाने का विज्ञान है जो ऐसे कार्य करती हैं जिन्हें लोगों द्वारा किए जाने पर बुद्धिमत्ता की आवश्यकता होती है। 

AI रिसर्च आधी सदी से भी अधिक समय से चल रहा है, और कुछ क्षेत्रों में इसने उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए हैं। लेकिन अभी भी बहुत से ऐसे काम हैं जो मशीनें नहीं कर सकतीं या बड़ी मुश्किल से ही कर सकती हैं। 

क्षमता के आधार पर AI को तीन प्रमुख केटेगरी में बांटा गया है:

वीक एआई या नैरो एआई | Week AI or Narrow AI

Week AI or Narrow AI ऐसे AI सिस्टम होते हैं जिन्हें किसी विशेष कार्य को करने के लिए प्रशिक्षित और प्रोग्राम किया जाता है| ऐसे AI सिस्टम की क्षमता बहुत ही सीमित होती है और इन्हें जिस कार्य के लिए प्रोग्राम किया जाता है उसके अलावा वो किसी अन्य कार्य को नहीं कर सकते हैं|

उदाहरण के लिए Google Assistant और Amazon Alexa जैसे Virtual Assistant जो की केवल Voice Commands को ही पहचान सकते हैं और वो भी कुछ सीमाओं के साथ| Chess Game, AI Enabled Shopping Platform आदि Narrow AI के ही उदाहरण हैं|

जनरल एआई | General AI

यह एक ऐसा AI System है जो की बिलकुल मनुष्यों की तरह सोचने, समझने और प्रतिक्रिया करने की क्षमता प्रदर्शित कर सकता है|

लेकिन अभी तक ऐसे किसी AI System को बनाया नहीं जा सका है| वैज्ञानिक निरंतर ऐसे AI System को बनाने में प्रयासरत है मनुष्यों की तरह सोच, समझ सके और निर्णय ले सके|

सुपर एआई या स्ट्रोंग एआई | Super AI or Strong AI

Super AI ऐसे AI सिस्टम को कहा जा सकता है जो की मनुष्य की क्षमताओं से भी बेहतर प्रदर्शन कर सके और एक सामान्य मनुष्य के अपेक्षा किसी कार्य को बहुत ही तेज़ी और कुशलता से संपन्न कर सके|

हालांकि Super AI अभी मात्र एक कल्पना है लेकिन भविष्य में मनुष्यों से भी तेज दिमाग वाले AI System की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता|

कार्यक्षमता के आधार पर AI को 4 प्रकार में विभाजित किया गया है:

रिएक्टिव मशीन | Reactive Machine

एक Reactive Machine बहुत ही साधारण प्रकार का AI System होता है| ऐसे AI System में किसी प्रकार की मेमोरी नहीं होती है जिसमे पिछली घटनाओ और उनसे सम्बंधित प्रतिक्रियाओं को स्टोर किया जा सके|

इस प्रकार का AI System केवल वर्तमान में घट रही घटनाओं का ही विश्लेषण करके सबसे उपयुक्त प्रतिक्रिया देने का प्रयास करता है|

उदाहरण के लिए IBM का Deep Blue Super Computer जो की एक शतरंज खेलने वाला AI System है, लेकिन यह शतरंज खेलने के अलावा और किसी भी भी कार्य में दक्षता प्रदर्शित नहीं कर सकता है|

लिमिटेड मेमोरी | Limited Memory

Limited Memory AI कुछ मात्रा में डाटा को कुछ समय तक स्टोर कर सकते हैं और इस डाटा के आधार पर निर्णय ले सकते हैं| इसका सबसे सटीक उदाहरण है सेल्फ ड्राइविंग कार जिसमे एक AI सिस्टम आस पास की कार की स्पीड, कार के रास्ते में आने वाली वस्तुओं, जानवरों या मनुष्यों की कार से दूरी, अपने से पीछे आने वाले वाहनों की स्पीड और दूरी का डाटा स्टोर कर सकता है और इसके आधार पर कार की स्पीड बढाने, घटाने या ब्रेक लगाने का निर्णय ले सकता है|

थ्योरी ऑफ़ माइंड | Theory of Mind

यह एक ऐसा AI System है जो मनुष्य की तरह लोगों को, उनके मनोभावों को, और उनके द्वारा की गयी प्रतिक्रियाओं को समझ सकता है|

ऐसे AI सिस्टम को बनाना एक कठिन कार्य है और अभी तक ऐसे AI का विकास नहीं हो पाया है| वैज्ञानिक निरंतर ऐसे AI विकास के लिए रिसर्च कर रहे हैं, और संभवतः भविष्य में हम कामयाब भी हो जाएँ|

सेल्फ अवेयरनेस | Self Awareness

एक ऐसे AI System की भी परिकल्पना की गयी है जिसकी सोचने-समझने और किसी समस्या को हल करने की शक्ति मनुष्यों से भी अधिक हो| उनकी स्वयं की चेतना हो और एक स्वतंत्र जीव की तरह स्वयं के होने का ज्ञान हो|

ज़ाहिर है की ऐसा AI सिस्टम अभी केवल एक परिकल्पना मात्र है, और इसके निर्माण की सम्भावना केवल भविष्य के गर्भ में है|

Artificial Intelligence की शाखाएं – in Hindi

जब Artificial Intelligence की बात होती है तो यह केवल एक टेक्नोलॉजी के बारे में नहीं होती है बल्कि यह कई टेक्नोलॉजी के एक समूह के बारे में है| इन सभी टेक्नोलॉजी के अलग-अलग कार्य हैं इन सभी को मिलाकर एक पावरफुल AI Machine बनाई जाती है| 

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दिन-ब-दिन जटिल होता जा रहा है। रोजमर्रा की प्रक्रियाओं को स्वचालित करने में मदद करने के लिए एआई की अधिक से अधिक शाखाएं विकसित की जा रही हैं| 

रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (Robotic Process Automation – RPA) से बिग डेटा एनालिटिक्स (Big Data Analytics) तक, और  होम ऑटोमेशन (Home Automation) से लेकर फेशियल रिकग्निशन (Facial Recognition) तक,

Computer और Machines को अब अपनी प्रक्रियाओं में दक्षता और सटीकता हासिल करने के लिए एआई टूल्स से लैस किया जा रहा है। इससे प्रोडक्टिविटी भी बढ़ती है, साथ ही आपको अन्य महत्वपूर्ण चीजों पर ध्यान केंद्रित करने का समय भी मिलता है।

AI की 6 सबसे महत्वपूर्ण शाखाएं हैं जिनके प्रयोग से कई प्रकार के कार्यो को आटोमेटिक रूप से करना संभव हुआ है| यहाँ हम संक्षेप में उन सभी शाखाओं के बारे में जानेंगे|

मशीन लर्निंग | Machine Learning

जैसा की नाम से ही स्पष्ट है यह मशीन के किसी एक या अधिक कार्यों को सीखने के बारे में है| जो भी मशीने हम प्रयोग करते हैं वो किसी न किसी प्रकार के आदेश पर ही कार्य करती हैं क्योंकि उनमे स्वयं का दिमाग नहीं होता है|

Machine Learning कंप्यूटर साइंस की एक ऐसी शाखा है जिसमे किसी मशीन को बिना प्रोग्राम किये कार्य करने की क्षमता विकसित की जाती है| 

ज्यादातर मशीनों को Programming की आवश्यकता होती है जिसमे Clear Instructions दिए गए होते हैं की मशीन को कैसे काम करना है, ऐसी मशीने किसी एक ही कार्य को कुशलता पूर्वक कर सकती हैं जिसके लिए उसे Program किया गया है लेकिन यदि आप इस मशीन से कोई और कार्य करवाना चाहें तो ऐसा नहीं हो पायेगा|

यहाँ Machine का अर्थ किसी Computer से है जैसा की हम जानते हैं की किसी कंप्यूटर से हम जो भी कार्य करवाते हैं वो एक Software की द्वारा सम्पन्न किया जाता है जिसमे उस कार्य के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए होते हैं|

उदाहरण के लिए यदि आप अपने Computer या Smartphone पर एक E-Mail देखते हैं तो आप जब इसका जवाब नहीं देंगे तब तक यह ईमेल वैसे ही पड़ा रहेगा|

आप चाहें तो एक सामान्य मेसेज को Automatic Reply में Configure कर सकते हैं| लेकिन ज़ाहिर है की आप सभी ईमेल का वैसा जवाब नहीं देना चाहेंगे|

यदि आप चाहें की आपके ईमेल को पढ़कर और अच्छी तरह समझ कर एक जवाब लिख कर आटोमेटिक तरीके से भेज दिया जाए तो ऐसा करने में केवल AI ही आपकी मदद कर सकता है|

Machine Learning के द्वारा आप आपके Email Software को इस प्रकार Train किया जा सकता है की वो ईमेल की बड़ी लिस्ट में से बेकार और काम के ईमेल को अलग कर सके, इसके संभावित जवाब दे सके और बहुत ही महत्वपूर्ण ईमेल के बारे में आपको सूचित कर सके|

Machine Learning के साथ आपको पहले से यह पता लगाने की ज़रूरत नहीं है कि आप कंप्यूटर को कैसे व्यवहार कराना चाहते हैं, और फिर इसे प्रोग्राम करें ताकि यह उस तरह से व्यवहार करे।

इसके बजाय, आप इसे विभिन्न प्रकार के कार्य दे देते हैं और परिणामों की तुलना अपने इच्छित परिणामों से करते हैं।

अगर वे काफी करीब हैं, तो बढ़िया; अन्यथा, मशीन को समायोजित करें और पुनः प्रयास करें। समय के साथ आप एक ऐसी मशीन बना लेते हैं है जो उतना ही अच्छा प्रदर्शन बिना प्रोग्राम किये कर सकती है जितना की स्पष्ट निर्देशों के साथ|

एक्सपर्ट सिस्टम | Expert System

Expert System ऐसे कंप्यूटर प्रोग्राम है जो की Human Expertise की नक़ल कर सकते हैं| कुछ विशेष क्षेत्रों के बारे में उन्हें सामान्य मानव विशेषज्ञों से भी अधिक ज्ञान हो सकता है|

अगर आप अपनी किसी समस्या के लिए किसी एक्सपर्ट की तलाश में हैं तो Expert System आपके काम आ सकता है| उदाहरण के लिए एक Car Expert System आपके कार की जांच करके यह बता सकता है की इसमें क्या खराबी है और इसे ठीक कराने में कितना खर्च आएगा|

एक Medical Expert System आपके लक्षणों की जांच करके यह बता सकता है की आपको क्या बिमारी है और उसका सही इलाज क्या हो सकता है|

एक Expert System को बनाने के लिए इसमें उस विशेष क्षेत्र से समन्धित हर प्रकार का डाटा फीड किया जाता है| यदि हम Car Expert System का उदाहरण लें तो इसमें कार के बारे में जटिल से जटिल जानकारी फीड की जाती है, हर एक छोटी और बड़ी जानकारी भी, इसके अलावा यह भी फीड किया जाता है की किन पार्ट्स की खराबी से कार में क्या लक्षण उत्पन्न होते हैं|

आपको बस एक डिजिटल फॉर्म भरना होता है और आपकी चार की जांच एक AI System करता है| यह उन सभी लक्षणों की जांच करता है और पहले से उपलब्ध डाटा के साथ इसका मिलान करता है|

इस मिलान के आधार पर Expert System यह तय करता है की कार में क्या खराबी है| और इसके आधार पर इसके रिपेयर के लिए निर्देश जारी करता है|

न्यूरल नेटवर्क | Neural Network 

सीधे शब्दों में Neural Network का मतलब है मानव मस्तिष्क की नक़ल करना| Neural Network ऐसे Algorithms हैं जिनके द्वारा किसी बड़े Dataset में से किन्ही Specific Pattern की पहचान की जाती है|

लेकिन ऐसा अपने आप करने के लिए पहले Neural Network को अलग अलग डाटा की पहचान कराई जाती है|

उदाहरण के लिए यदि आप Neural Network में एक बिल्ली की इमेज फीड करे और इसे यह बताये की यह बिल्ली है तो अगली बार यदि बिल्ली की जगह किसी और मिलते जुलते जानवर की फोटो फीड करेंगे तो इसे भी यह सिस्टम बिल्ली ही समझेगा

लेकिन यदि आपने इसमें अलग अलग जानवरो का डाटा फीड कर दिया और फिर से इसे बिल्ली की वही इमेज फीड को तो हो सकता है की यह समझ जाए की यह बिल्ली है लेकिन अगर या कोई दूसरी बिल्ली हुई किसी अलग प्रजाति की तो शायद Neural Network सिस्टम न समझ पाए|

बिल्ली को पूरी तरह से पहचानना सिखाने के लिए आपको इसमें हर प्रकार की बिल्ली की इमेज फीड करनी होगी तब यह सिस्टम इन सभी इमेजेज में से कॉमन पैटर्न खोज लेता है और उसके आधार पर बिल्ली को अन्य जानवरों से अलग कर सकता है|

वास्तव में Neural Network एक कम्प्यूटेशनल मॉडल है जो डेटा से सीखने और डाटा संसाधित करने की क्षमता के आधार पर समस्याओं का विश्लेषण, पहचान और समाधान करने में सक्षम है। 

Neural Network अनुकूली होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे नई जानकारी के जवाब में समय के साथ बदल सकते हैं, जिससे वे पैटर्न पहचान के लिए विशेष रूप से उपयोगी हो जाते हैं।

Neural Network 1950 के दशक में फ्रैंक रोसेनब्लैट (Frank Rosenblatt) नामक एक अमेरिकी वैज्ञानिक द्वारा विकसित किया गया था, जिसने वह बनाया जिसे उन्होंने परसेप्ट्रॉन (Perceptron) कहा था। यह एक कंप्यूटर प्रोग्राम था जो मानव मस्तिष्क में पाए जाने वाले तंत्रिका नेटवर्क के कार्य की नकल करता था।

परसेप्ट्रॉन (Perceptron) इमेजेज से पैटर्न को समझने में सक्षम था और सरल समस्या हल करने में सक्षम था। फ्रैंक रोसेनब्लैट (Frank Rosenblatt) के काम के बाद Neural Network की लोकप्रियता बढ़ने लगी और तब से उनका उपयोग विभिन्न अनुप्रयोगों में किया जाता रहा है। Traditional Data Processing Algorithm के मुकाबले उनका एक फायदा कम डेटा का उपयोग करके अधिक तेज़ी से सीखने की उनकी क्षमता है।

रोबोटिक्स | Robotics

Robotics, आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस की एक ऐसी शाखा है जिसमे रोबोट के निमार्ण और विकास का कार्य किया जाता है| रोबोट्स ऐसी मशीनें हैं जो मानव द्वारा निर्देशित किए बिना कार्य कर सकती हैं। 

अधिकांश रोबोट यांत्रिक हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो कार्य करने के लिए Electronics या Computer Programming पर निर्भर हैं। रोबोट Manufacturing और Medical, Military और Space Exploration जैसे अन्य क्षेत्रों में तेजी से आम हो गए हैं|

Robot को ऐसे कार्यो के लिए मनुष्यों की जगह प्रयोग किया जाता हैं जो आमतौर पर मनुष्यों के लिए कठिन होते हैं जैसे की किसी फैक्ट्री में भारी सामन को लाना और ले जाना|

इसके अतिरिक्त कई ऐसी फैक्ट्री हैं जहा स्वचालित रूप से रोबोट कार्य करते हैं| उदाहरण के लिए कार मैन्युफैक्चरिंग की असेम्बली लाइन जहाँ रोबोट के द्वारा ही पूरी कार को असेम्बल किया जाता है, पेंट किया जाता है, और फिर टेस्ट किया जाता है|

इसके अलावा निकट भविष्य में हम ऐसे Humanoid Robot देख पायेंगे जो मनुष्यों के वह सब कुछ कर पायेंगे जो की आपका असिस्टेंट या घरेलु हाउस कीपर करता है|

रोबोट्स को पूरी तरह Self Controlled और Conscious Mind वाला बनाना अभी संभव नहीं है, लेकिन हो सकता है की भविष्य में वैज्ञानिक इसमें भी सफल हो जाएँ| Sophia जैसे रोबोट्स ने Humanoid Robots की सच्चाई को हमारे बहुत करीब ला दिया है|

फजी लॉजिक | Fuzzy Logic 

Fuzzy Logic वास्तविक दुनिया की स्थितियों में निहित अनिश्चितता से निपटने का एक तरीका है। यदि आप यह तय कर रहे हैं कि दोपहर के भोजन के लिए कहाँ जाना है, और एक चीनी रेस्तरां और मैक्सिकन रेस्तरां के बीच कोई विकल्प है और आपको मैक्सिकन भोजन की तुलना में चीनी भोजन अधिक पसंद है, तो Fuzzy Logic कह सकता है कि आपके पास चीनी रेस्तरां में जाने का 60% मौका है।

निर्णय लेते समय यह संभाव्य दृष्टिकोण उपयोगी होता है, क्योंकि यह हमें अलग-अलग चीजें होने की संभावना को ध्यान में रखने की अनुमति देता है। 

उदाहरण के लिए, यदि हम जानना चाहते हैं कि दो में से कौन सा स्टॉक खरीदना है, तो हम अपनी राय को जोड़ सकते हैं कि प्रत्येक स्टॉक के मूल्य में वृद्धि की कितनी संभावना है, इस बारे में हमारी राय के साथ कि हम कितना पैसा जोखिम में डालना चाहते हैं।

फ़ज़ी लॉजिक उन प्रणालियों के बारे में वर्णन करने और निष्कर्ष निकालने का एक तरीका है जो पूरी तरह से सटीक नहीं हैं। यह कंप्यूटर को वह काम करने का एक अच्छा तरीका है जो मनुष्यों के लिए अधिक स्वाभाविक है।

Fuzzy Logic का उपयोग Industrial Process Control, Consumer Electronics, Financial Modelling, System Identification, Robotics और Speech Recognition में किया जाता है।

नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग | Natural Language Processing -NLP

Natural Language Processing (NLP) आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस की एक शाखा है, जो मानव भाषा और उसके सभी पहलुओं की मॉडलिंग करता है।

NLP का उपयोग कई अलग-अलग कार्यों के लिए किया जाता है, जैसे कि Text Understanding, Speech Recognition, Artificial Voice Making, Machine Translation between Languages और Computer Interface के लिए Natural Language का अनुप्रयोग।

इस क्षेत्र में कार्यों में शामिल हैं:

सेंटिमेंट एनालिसिस | Sentiment Analysis – इसके द्वारा लिखी या बोली गयी बातों की भावनाओं का विश्लेषण किया जाता है जिसके आधार पर यह पता लगाया जा सकता है यह किस बारे में हैं| Twitter इस टेक्नोलॉजी का प्रयोग आंतंकवादियों और कट्टरपंथियों के मेसेज पहचानने के लिए करता है|

इनफार्मेशन एक्सट्रैक्शन | Information Extraction – इसके द्वारा Web Pages से Data निकाला जाता है| उदाहरण के लिए ऐसे टूल्स उपलब्ध हैं जो किसी Shopping Portal से केवल Electronic Gadgets की Information निकाल सकते हैं|

मशीन ट्रांसलेशन | Machine Translation – यह टेक्नोलॉजी तब काम में आती है जब किसी एक भाषा में लिखे गए शब्दों और वाक्यों का किसी दूसरी भाषा में अनुवाद की आवश्यकता होती है| उदाहण के लिए Google Translation Service|

स्पीच रिकग्निशन | Speech Recognition – बोले गए शब्दों और वाक्यों को समझना और उसके अनुसार प्रतिक्रिया करना ही Speech Recognition टेक्नोलॉजी का कार्य है| उदाहरण के लिए Automatic Text To Speech Software या Amazon Alexa.

Text Analyticsएक संबंधित शब्द है जो Text Data के लिए विशिष्ट विधियों द्वारा मात्रात्मक या गुणात्मक डेटा का विश्लेषण करने की व्यापक अवधारणा का वर्णन करता है।

Natural Language Processing के क्षेत्र में विकसित तकनीकें मनुष्यों की कुछ समय लेने वाली और त्रुटि-प्रवण गतिविधियों के स्वचालन की अनुमति देती हैं जैसे मेल को छांटना या संख्याओं या अन्य प्रतीकों वाले ग्रंथों के साथ काम करना।

अनुप्रयोगों में Email Spam Filtering, Spelling Checking, Online Ads Framework, Google की Search Engine Ranking और Yahoo! की Personalization Technology शामिल हैं।

Artificial Intelligence के अनुप्रयोग – in Hindi

AI धीरे-धीरे हमारे जीवन के हर क्षेत्र में अपनी जगह बनाता जा रहा है| Education, Healthcare, Manufacturing, Finance, E-Commerce जैसे अनेक क्षेत्रो के अलावा अब Smart AI Enabled Devices के साथ यह हमारे घरों तक पहुँच बना चुका है|

यहाँ हम AI के कुछ ऐसे ही अनुप्रयोगों के बारे में जानेंगे जो निरंतर आपके जीवन को और आसान और सुविधाजनक बनाने का प्रयास कर रहें हैं|

AI in Healthcare

हेल्थ सेक्टर में AI की मदद से ऐसे कार्य किये जा रहे हैं जो पहले संभव नहीं थे| AI की सहायता से ऐसी मशीने बनाना संभव है जो किसी भी बिमारी का पता तुरंत ही लगा सकती है और यहाँ तक की कैंसर की सेल्स को बहुत ही शुरुआत में पहचान सकती इससे लाखो लोगो का सही समय पर इलाज संभव हुआ है|

AI लैब और Medical Data का विश्लेषण करके किसी रोग की गंभीरता का सटीक अंदाजा लगा सकता है, और इसके लिए सटीक इलाज़ और दवाओं की सलाह दे सकता है|

AI दवाओं के प्रभाव के डाटा और Medical Intelligence की सहायता से नयी दवाएं बनाने में भी सहायता कर सकता है| इसके साथ ही यह किसी नयी दवा के परिक्षण में भी सहायता कर सकता है|

AI in Education

AI का उपयोग सीखने में छात्रों की रुचि बढ़ाने, शिक्षा और परीक्षण प्रणालियों की प्रभावशीलता में सुधार करने, प्रत्येक छात्र के लिए एक व्यक्तिगत ट्यूटर (ऑनलाइन) प्रदान करने आदि के लिए किया जा सकता है। 

शिक्षा के क्षेत्र में AI के इस्तेमाल की काफी संभावनाएं हैं। यह शिक्षकों और छात्रों को शिक्षा के संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाने और शैक्षिक कार्यक्रमों की दक्षता को अधिकतम करने में मदद कर सकता है।

इसके अलावा, इसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जा सकता है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं, लेकिन यह इन्हीं तक सीमित नहीं है:

  • छात्र की जरूरतों और रुचियों का विश्लेषण करने के लिए बिग डाटा (Big Data) का उपयोग करना, और तदनुसार शिक्षण योजनाओं को समायोजित करना
  • शिक्षकों को उच्च गुणवत्ता वाले पाठ्यक्रम बनाने में मदद करने के लिए स्मार्ट सॉफ्टवेयर का उपयोग करना
  • विभिन्न कार्यों पर उनके व्यवहार का विश्लेषण करके छात्रों की सीखने की समस्याओं का पता लगाना
  • छात्रों के लिए व्यक्तिगत शैक्षणिक मार्गदर्शन प्रणाली बनाना

AI in E-Commerce

Amazon और Flipkart जैसे Online Shopping Portals पर शॉपिंग करते समय आपने देखा होगा की जो प्रोडक्ट्स आप देखते हैं, विशलिस्ट में डालते हैं या खरीदते हैं तो उससे सम्बंधित या उसी प्रकार के अन्य प्रोडक्ट भी आपको रिकमेंड किये जाते हैं|

यह वैसे तो बहुत ही आसान लगता है लेकिन इसके पीछे एक AI System काम करता है| जो आपके देखे गए और खरीदे गए प्रोडक्ट्स के आधार पर अनुशंसित प्रोडक्ट्स की एक लिस्ट आपको प्रदान करता है|

इसके साथ ही आपके लिए प्रोडक्ट से सम्बंधित एक्सेसरीज भी आपको दिखाई जाती है, जिसे आप चाहें तो मूल प्रोडक्ट के साथ में खरीद सकते हैं|

Amazon ने अपने शॉपिंग पोर्टल पर Virtual Assistant Alexa की मदद से भी शॉपिंग करने की सुविधा दे रखी है| आप Alexa की मदद से केवल बोलकर किसी भी Product को Search कर सकते हैं, इसे अपने Shopping Cart में डाल सकते है और अंत में अपनी खरीदारी सम्पन्न कर सकते हैं| 

कुछ शॉपिंग पोर्टल पर Voice Assistant के बजाय आपको Chat Bot देखने को मिल सकते हैं जो आपकी शॉपिंग को आसान बना सकते हैं| या आफ्टर सेल्स सर्विस जैसे प्रोडक्ट की डिलीवरी, ट्रैकिंग, रिप्लेसमेंट और रिटर्न आदि में आपकी सहायता कर सकते हैं|

E-Commerce के क्षेत्र में AI, Fraud Detection में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है| इ-कॉमर्स कंपनियां AI की सहायता से फेक रिव्युज, का पता लगा रही हैं|

ज्यादातर लोग रिव्युज देख कर ही किसी प्रोडक्ट को खरीदने का निर्णय लेते हैं, और यदि रिव्यु असामान्य रूप से पोजिटिव हों तो यह ग्राहकों के निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं| AI ऐसे रिव्युज को एक पैटर्न के आधार पर डिटेक्ट करता है और उन्हें हटा देता हैं|

इसके अलावा यह Credit Card Fraud पकड़ने में भी सहायता कर सकता है| AI किसी यूजर के Shopping Pattern के आधार पर यह जांच कर सकता है की कहीं यह खरीदारी आपके अलावा कोई और या संभावित हैकर न कर रहा हो|

AI in Lifestyle

AI ने हमारे दैनिक जीवन को भी बहुत प्रभावित किया है| आज हम हर जगह स्मार्ट डिवाइसेस को देख सकते हैं| AI इनेबल्ड डिवाइसेस धीरे-धीरे हमारे जीवन के अभिन्न अंग बनते जा रहे हैं| आइये जानते हैं की AI हमारे दैनिक जीवन को कैसे बदल रहा है|

होम ऑटोमेशन | Home Automation – Smart TV के बारे में तो हम सभी जानते ही हैं लेकिन अब बाज़ार में AI Enabled AC, Room Heater, Vacuum Cleaner, Smart Bulb, Speaker और कई प्रकार के Sensor आ गए हैं जो आपके घर को पूरी तरह आपके इशारों पर काम करने वाला बना सकते हैं| आपको या तो अपने निर्देश बोलकर देने हैं या इशारों में बता कर और आपका काम हो जाएगा|

ऑटोनोमस व्हीकल | Autonomous Vehicles – AI आपकी यात्रा करने के अनुभव को पूरी तरह बदलने वाला है वो दिन दूर नहीं जब Self-Driving Car में सफ़र करना एक आम बात हो जायेगी|

दुनिया की बड़ी कार निर्माता कंपनियां जैसे की Toyota, Audi, Volvo, Tesla और BMW ने AI की सहायता से चलने वाली कार में बहुत निवेश किया है और कुछ हद तक हमने इनके टेस्ट मॉडल्स को भी देखा है| 

Self Driving Car में सबसे आवश्यक है कार की स्पीड को नियंत्रित करना और एक्सीडेंट से बचाव| AI की सहायता से कार अपने आस पास की कार की स्पीड, उनसे अपनी दूरी को डिटेक्ट कर सकती है और इस डाटा का प्रयोग स्पीड को नियंत्रित करने और एक्सीडेंट से बचाव के लिए इमरजेंसी ब्रेक लगाने के लिए कर सकती है|

फेसिअल रिकग्निशन | Facial Recognition – वैसे तो इस टेक्नोलॉजी का प्रयोग हम आये दिन अपने Smartphone, Laptop और Tablet जैसे Devices को ऑन करने में करते ही हैं| लेकिन यह आपके घर की Security System का हिस्सा भी बन सकता है अब ऐसे लॉक उपलब्ध हैं जो केवल आपके चेहरे की पहचान पर ही खुलेंगे और यदि किसी ने ज़ोर-जबरदस्ती की तो ये तुरन ही आपके मोबाइल पर एक सूचना भेज देंगे यहाँ तक की स्थानीय पुलिस स्टेशन में भी खबर कर देंगे|

AI in Robotics

रोबोटिक्स AI का एक ऐसा क्षेत्र है जिसमे असीम संभावनाएं हैं| रोबोट हर जगह काम में आ रहे हैं| मेडिकल क्षेत्र में रोबोट आज सर्जरी कर रहे हैं वही मैन्युफैक्चरिंग में रोबोट के द्वारा अनेको कार्य किये जा रहे हैं यहाँ तक की असेम्बली लाइन जैसे कुछ डिपार्टमेंट तो पूरी तरह से रोबोट्स के हवाले कर दिए गए हैं|

इसके अलावा रोबोट्स को भारी कामो जैसे सामान को लाने-ले जाने, सफाई करने और अन्य कार्यो के लिए भी प्रयोग किया जा रहा है वह दिन दूर नहीं जब कहीं आग लग जाने की स्थिति में मनुष्यों के बजाय रोबोट आग बुझाने और लोगो की जान बचाने का कार्य करेंगे| इसके अलावा भविष्य में रोबोट वृद्धों की सेवा, घरेलु सेवक की तरह भी कार्य कर सकेंगे|

AI in Navigation

AI ने नेविगेशन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है आज AI का प्रयोग करके ओला और उबर जैसी कार रेंटल सर्विसेज यात्रा के लिए सबसे आसान, तेज और कम ट्रैफिक वाले रूट का चयन कर सकती हैं|

USA Flight Navigation के बारे में पायलटों पर किये गए सर्वेक्षण से पता चला है की ज्यादातर पायलट विमान को औसतन केवल 7 मिनट तक ही चलाते हैं और बाकी समय विमान AI Assisted Auto Pilot पर ही उड़ता रहता है|

AI in Human Resource

Artificial Intelligence एक ऐसी Technology है जिसे मानव संसाधन के क्षेत्र में भी प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, एक AI System यह याद रखने में सक्षम होगा कि आप कौन हैं और आपकी रुचियां क्या हैं और आपको नाम से संबोधित करने में सक्षम होगा।  

यह आपके Face और अन्य Biometric Data को भी पहचानने में सक्षम होगा और इस जानकारी का उपयोग आपको अधिक सटीक सुझाव और सिफारिशें देने के लिए करेगा। किसी को कैसे काम पर रखा जाना चाहिए, इस बारे में कुछ नई अंतर्दृष्टि भी हैं।

उदाहरण के लिए, अधिकांश कंपनियां अभी भी मुख्य रूप से लोगों को काम पर रखने पर भरोसा करती हैं क्योंकि उनके पास एक निश्चित कौशल (जैसे, भाषा) या एक निश्चित डिग्री (जैसे, एक मास्टर डिग्री) है। 

हालांकि, AI System उम्मीदवारों का उनके व्यक्तित्व, रुचियों, प्रेरणा, कौशल आदि के आधार पर मूल्यांकन कर सकता है, यही वजह है कि यह Poor Hiring की संख्या को कम करके Hiring Process की Quality में सुधार कर सकता है।

AI  in Agriculture

कृषि में, AI का उपयोग कई अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है: मौसम की स्थिति और फसलों पर उनके प्रभाव का पूर्वानुमान लगाना; मिट्टी की स्थिति की भविष्यवाणी; बुवाई का सबसे अच्छा समय और विविधता चुनना; खरपतवारों, रोगों और कीटों का पता लगाना; उपचार और उसके समय पर सिफारिशें प्रदान करना; विभिन्न स्रोतों (कैमरा, सेंसर) से पौधों के बारे में जानकारी का विश्लेषण करना; आदि।

कृषि उद्देश्यों के लिए एआई का उपयोग उत्पादन प्रक्रियाओं की दक्षता बढ़ाकर उत्पादकों, किसानों और उपभोक्ताओं के लिए लागत कम करने की अनुमति देता है।

उदाहरण के लिए, एक उत्पादक Mobile Devices के डेटा का उपयोग पौधों के स्वास्थ्य को ट्रैक करने और उनका इलाज करने के बारे में निर्णय लेने के लिए कर सकता है।

AI आपके खेत में हर फसल और जानवर से जुड़े सेंसर से डेटा एकत्र करके काम करता है। इसके बाद यह इस डेटा का विश्लेषण यह निर्धारित करने के लिए करता है कि आपके खेत को सर्वोत्तम तरीके से कैसे चलाया जाए-

उदाहरण के लिए, यह निर्धारित करना कि किस प्रकार की फसलों को किस खेत में लगाया जाना चाहिए, प्रत्येक भूखंड पर कितना उर्वरक फैलाना चाहिए, प्रत्येक चरागाह में कितने जानवर चरने चाहिए, जहां जानवरों को वध और संसाधित किया जाना चाहिए, आदि।

AI in Entertainment

मनोरंजन का क्षेत्र भी AI के प्रभाव से अछूता नहीं है| OTT प्लेटफार्म जैसे Amazon Prime और Netflix, AI की सहायता से यूजर की Viewing History और पसंद के आधार पर उन्हें प्रोग्राम सजेस्ट कर सकता है|

इसके अलावा Voice Command Feature की सहायता से यूजर आसानी से किसी प्रोग्राम या शो को सर्च कर सकता है और उसे शुरू करने का निर्देश दे सकता है|

AI in Finance

Banking और Finance के क्षेत्र में AI की सहायता से दैनिक कार्यो का Automation किया जा सकता है| सभी तरह के Clerical Work जिसे अभी मनुष्यों द्वारा किया जाता है उसे Robotic Process Automation और AI की सहायता से ऑटोमेट किया जा सकता है|

इससे कार्य की गति बढाई जा सकती है क्योंकि एक AI System 24×7 कार्य कर सकता है| और क्योंकि यह किसी टास्क को पूरी तरह बिना गलती किये करने के लिए प्रोग्राम्ड होता है इसलिए इसमें गलतियों की संभावना बिलकुल नगण्य है|

बैंकों की वेबसाइट में AI Chat Bot होते हैं जो ग्राहकों को कई प्रकार की जानकारी जैसे की लोन और क्रेडिट कार्ड एप्लीकेशन की जानकारी अथवा उनके अकाउंट से सम्बंधित जानकारी आदि प्रदान कर सकते हैं|

इसके अलावा AI System आपके अकाउंट से होने वाले असामान्य ट्रांजैक्शन को ट्रैक कर सकता है और संभावित फ्रॉड को रोक सकता है|

Artificial Intelligence का भविष्य – in Hindi

Artificial Intelligence के दीर्घकालिक भविष्य की भविष्यवाणी करना कठिन है, क्योंकि यह अनुमान लगाना कठिन है कि मानव बुद्धि क्या है, या यह कैसे काम करती है। लेकिन एक बात है जो हम सभी जानते हैं की हम वास्तव में कंप्यूटर द्वारा प्रतिस्थापित नहीं होना चाहते हैं।

मैं यह नहीं कह रहा हूं कि कंप्यूटर कभी भी लोगों से ज्यादा स्मार्ट नहीं होंगे। मैं कह रहा हूं कि हम नहीं जानते कि यह कैसे करना है, और अगर हमने किया, तो हो सकता है की हमें परिणाम पसंद नहीं आये|

मुझे लगता है कि यदि आप भविष्य की एक यथार्थवादी तस्वीर चाहते हैं, तो आपको यह मान लेना चाहिए कि मानव जाति जीवित रहेगी, और कंप्यूटर धीरे-धीरे लोगों की तुलना में अधिक बुद्धिमान हो जाएंगे, एक ऐसी प्रक्रिया के माध्यम से जिसका हम विस्तार से अनुमान नहीं लगा सकते।

लेकिन यह कि वे कभी भी सर्वज्ञ या सर्व-शक्तिशाली नहीं बनेंगे, क्योंकि हमेशा कुछ चीजें ऐसी होंगी जो लोग जानते हैं कि कैसे करना है या जिसमे वो सबसे अच्छे हैं, जिन पर मशीनें कभी भी हमारे साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम नहीं होंगी।

मेरे विचार

AI के विकास ने कई क्षेत्रो में नयी संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए हैं| मेडिकल, एग्रीकल्चर, और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में AI की मदद से कठिन से कठिन कार्यो को आसानी से किया जा सकेगा| बीमारियों का तुरंत पता लगाया जा सकेगा और सही समय पर इलाज़ मिलने से लाखो लोगो की जान बचाई जा सकेगी|

कृषि के क्षेत्र में AI के विकास से किसी फसल का अधिकतम उत्पादन और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी, और मैन्युफैक्चरिंग में आटोमेटिक मशीनों के उपयोग से उतपादन क्षमता बढाकर कम समय में डिमांड को पूरा किया जा सकेगा|

AI के इन तमाम फायदों के अलावा इसका एक स्याह पक्ष भी है| विज्ञान कथाओं और टर्मिनेटर (Terminator) जैसी फिल्मों ने कई बार हमें Artificial Intelligence का एक विकराल और भयानक भविष्य दिखाया है| लेकिन इसके लिए अभी से चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है|जब तक हम मानव मस्तिष्क को समझ में नहीं लेते तब तक हम सुपर इंटेलीजेंट AI का विकास नहीं कर सकते|

मेरी चिंता का विषय AI से होने वाले संभावित विनाश और मशीनों का मनुष्यों पर आधिपत्य नहीं बल्कि इसके कारण मनुष्यों में आने वाली अकर्मण्यता है|

कल्पना कीजिये की आज मनुष्यों द्वारा किये जाने वाले सभी कार्य मशीनों द्वारा किये जा रहे हैं तो मनुष्य क्या करेंगे| AI के कारण भविष्य में लाखो करोड़ो लोगो के बेरोजगार होने की संभावना है| 

जब सब कुछ मशीने ही करेंगी तो मानवों के पास करने के लिए कोई कार्य नहीं रह जाएगा और वो एक तरह से मशीनों के गुलाम बन जायेंगे| फिर मशीने हमें आदेश दें या ना दें उनका आधिपत्य तो हमपे स्थापित हो ही जाएगा|

अंत मैं आप सभी से ये पूछना चाहूँगा आपको यह लेख कैसा लगा| अपने विचारों से हमें अवगत कराये और कमेंट के माध्यम से अपनी प्रतोक्रिया अवश्य व्यक्त करें|

आपके सुझाव और प्रश्न सदैव आमंत्रित हैं हमें कमेंट सेक्शन में अपने सुझाव और प्रश्न बताएं, हम यथासंभव आपके प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास करेंगे|

इन्ही शब्दों के साथ विदा लेता हूँ|

धन्यवाद!

अभिषेक

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